सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

उनके तम्बू, उनका चिंतन

उनके तम्बू, उनका चिंतन, उनके झंडे, उनकी चाल.
उनका मोदी, उनका राहुल, उनके पंजे, उनका जाल.

न्यूज चैनल उनपे बोलें, उनका पेशा, उनका धंधा,
उनका पी.एम., उनका सी.एम., उनका पैसा, उनका माल.

तुमको क्यों ये फ़िक्र है मोदी हो या राहुल निजाम,
उनकी सत्ता, उनके मंत्री, हम क्यों नोचें अपनी खाल.

उनकी चिंता, उनकी उलझन, वो खुद अपना सर नोचें,
उनकी बातें, उनके मसले, उनके पंजे, उनके बाल.

उनकी चिंता वो जाने, तुमको क्या मतलब है "बूँद"
जो भी होगा, उनका होगा, हम रहेंगे अपने हाल.

(बूँद)

२२  जनवरी २०१३

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